उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के अध्यक्ष ओपी राजभर ने सोमवार को लोकसभा चुनाव से जुड़े केस में मऊ की अदालत में खुद को सरेंडर कर दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजभर के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा था।
राजभर के खिलाफ कई तारीखों पर कोर्ट में पेश नहीं होने के कारण अदालत ने नोटिस जारी किया था। कोर्ट में एक घंटे तक रहने के बाद उन्हें 20-20 हजार के बांड पर जमानत दी गई। ओपी राजभर ने कोर्ट में सरेंडर से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह कानून का पालन करे। वे भी एक आम आदमी की तरह ही देश के कानून का पालन करने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं।
मऊ के हलधरपुर थाने में मंत्री ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। आचार संहिता उल्लंघन का मामला 17 मई 2019 को सामने आया था। हलधरपुर थाने में तत्कालीन उड़न दस्ते के प्रभारी रुद्रभान पाण्डेय की तहरीर पर 18 मई 2019 को यह मुकदमा दायर किया गया था। पिछले कई साल से इसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी। अदालत ने राजभर के पेश नहीं होने पर उनके लिए वारंट जारी किया था। राजभर ने इसी मामले में सोमवार को सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्हें तुरंत एक घंटे बाद जमानत भी मिल गई।






