New GST Rate : हाल ही में जीएसटी में किए गए बदलाव जहां किसी के लिए लाभकारी साबित हुए, वहीं दिल्ली के कपड़ा कारोबारियों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। चांदनी चौक के थोक कपड़ा कारोबारियों के मुताबिक, अब से यदि कोई 2500 रुपये से ऊपर के कपड़े खरीदता है तो उस पर 12 से बढ़ाकर अब 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
इससे न सिर्फ कपड़े की बिक्री पर बुरा प्रभाव पड़ा है, बल्कि निम्न मध्यवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवार को इसका बोझ झेलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। चांदनी चौक में करीब 30 हजार कारोबार थोक में कपड़ा बेचते हैं, जिनका कारोबार सिर्फ देश में नहीं बल्कि विदेश से भी जुड़ा हुआ है। चांदनी चौक तो वैसे भी खासतौर पर शादियों के कपड़ों को लेकर ही जाना जाता है।
कपड़ों पर जीएसटी घटाने की मांग
बता दें कि इसे लेकर कपड़ा कारोबारियों की संस्था दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन (डीएचएमए) ने सभी बड़े नेताओं जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि वे सभी प्रकार के कपड़ों पर जीएसटी को घटाकर पांच प्रतिशत कर दें।
इस पत्र में डीएचएमए के अध्यक्ष मुकेश सचदेवा व महामंत्री श्रीभगवान बंसल ने साफ तौर पर बताया है कि कुछ कपड़े अनिवार्य तत्व हैं जैसे- विवाह के लहंगे और साड़ी आदि। ऐसे में उनपर टैक्स को बढ़ाना तर्कसंगत नहीं है। वहीं, डीएचएमए ने पत्र में जीएसटी की सराहना करते हुए कहा कि 2,500 रुपये की कीमत वाले कपड़ों पर 12 प्रतिशत जीएसटी करना उचित कदम है। लेकिन उन्होंने उसके ऊपर की गई बढ़ोतरी पर अपनी निराशा को जाहिर किया है।
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इस पर श्रीभगवान बंसल ने कहा कि पॉलिएस्टर यान पर मौजूदा जीएसटी को यानि 12 प्रतिशत को कम करके पांच प्रतिशत कर दिया जाए। साथ ही पॉलिएस्टर यान बनाने वाले रसायन पर भी जो जीएसटी बढ़ाया गया है, उसे भी घटा दिया जाना चाहिए।






