Kishtwar Cloudburst : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने के बाद से बचाव कार्य जारी है। यह हादसा चोसिटी गांव के मचैल माता की तीर्थ यात्रा के मार्ग पर हुआ है। अब तक इस साल ढाई लाख लोगों ने मंदिर के दर्शन किए हैं। लोग अक्सर यहां देश के कोने-कोने से पहुंचते रहे हैं। ऐसे में यहां डर का माहौल बना हुआ है कि हादसे में हताहत होने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
इस पर पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने भी बड़ी अनहोनी का डर जताया है और देश भर के लोगों से पीड़ितों के लिए दुआ करने की अपील की है। बता दें कि इस आपदा में अब तक कम से कम 46 की जान जा चुकी है। जिस चोसिटी गांव में बादल फटने की घटना घटी है, वहां अक्सर मचैल माता की यात्रा के लिए बेस कैंप बने हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक घटना के समय वहां बड़े पैमाने पर टेंट लगे हुए थे।
Kishtwar Tragedy : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आपदा पर जताया दुख
जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चोसिटी गांव में गुरुवार को बादल फटने और इसके कारण इलाके में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी संवेदना व्यक्त की। जानकारी के मुताबिक, बादल फटने के तुरंत बाद ही घटनास्थल पर बाढ़ आ गई। जिस कारण कई घरों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस बाढ़ में कई लोगों के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है।
किश्तवाड़ में खराब मौसम, हाई अलर्ट जारी
किश्तवाड़ के चिसोटी गांव में बादल फटने से आई बाढ़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरे जिले में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क को सक्रिय कर दिया हैं। सभी सब-डिविजन को हाई अलर्ट भेजा गया है। साथ ही विशेष पुलिस टीमों को आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैनात किया गया हैं, जो भारी बारिश, भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और सड़कों पर यातायात बाधित होने जैसी घटनाओं व परेशानियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।






