मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित रहीं और उन्होंने भी बाबा काशी विश्वनाथ की पूजा की। साथ ही प्रधानमंत्री रामगुलाम के साथ भारत आए प्रतिनिधिमंडल ने भी बाबा के दर्शन किए व उनकी पूजा की।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस दौरान यह विश्वास दिलाया कि बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से हमेशा दोनों देशों के बीच के यह संबंध मजबूत रहेंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री को आचार्य टेक नारायण उपाध्याय, अंकित और नीरज पांडेय ने दर्शन व पूजन करवाया। पूजा का मकसद दोनों देशों में सुख-समृद्धि की मनोकामना थी। सभी डेलिगेशन मंदिर से बाहर निकलने के बाद काफी प्रसन्न नजर आए।
प्रधानमंत्री रामगुलाम को दी गई भेंट
प्रधानमंत्री रामगुलाम को भेंट के तौर पर बाबा विश्वनाथ का प्रसाद, भस्मी, उनकी रुद्राक्ष की माला और बेलपत्र दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री रामगुलाम मंदिर की भव्यता को देखकर भावविभोर हो गए। उन्होंने बाबा को पंचामृत अर्पित किया।
सभी को स्वागत समारोह में भी अंगवस्त्रम और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई थी। इस स्वागत में 11 ब्राह्मणों द्वारा मंगल स्वस्ति वाचन किया गया, जिससे यह अवसर और भी विशेष बन गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, इस मंदिर में दर्शन करने का यह अवसर मॉरीशस के प्रधानमंत्री के लिए काफी खास है। इस यात्रा के माध्यम से उन्होंने न सिर्फ अपनी धार्मिक आस्था को सभी के सामने प्रकट किया, बल्कि दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को और भी मजबूत करने की कोशिश की।
बता दें कि भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, जो बीते समय के साथ और भी ज्यादा गहरे हुए हैं। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री रामगुलाम ने दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।






