नेपाल में हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में नेपाल सरकार ने झुकने का फैसला किया है। बीते दिन शुरू हुए सोशल मीडिया बैन और सिस्टमें में भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा प्रदर्शनकारियों के आगे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने घुटने टेक दिए हैं। सबसे पहले देश के गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और कृषि मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया और उसके बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी अपने पद त्याग दिया।
केपी शर्मा ओली की ओर से आज शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। उस पत्र में लिखा था, ‘मैं इस स्थिति का एक सार्थक निष्कर्ष निकालने और इसका आकलन करने के लिए संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहा हूं। इसी संबंध में आज शाम 6 बजे मैंने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मैं सभी भाइयों और बहनों से यह निवेदन करता हूं कि इस जटिल परिस्थिति में अपना धैर्य ना खोएं।’ लेकिन इससे पहले की बैठक हो पाती पीएम ओली ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी।
इस दिन शुरू हुआ था प्रदर्शन
नेपाल सरकार के सोशल मीडिया बैन करने के फैसले के विरोध में सोमवार को यह प्रदर्शन शुरू हुआ था। जोकि मंगलवार को भी लगातार जारी रहा। फर्क सिर्फ इतना है कि आज प्रदर्शन का स्तर कल के मुकाबले काफी व्यापक हो गया और युवा आर्थिक असमानता, भ्रष्टाचार और सरकारी कुप्रंबधन के आधार पर पीएम ओली के इस्तीफे की मांग करने लगे।
सैकड़ों प्रदर्शनकारी दोपहर तक सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए। इसके तुरंत बाद ही ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके कुछ घंटे पहले ही प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन में हुई मौतों की जवाबदेही मांगते हुए बालकोट में उनके निजी आवास में आग लगा दी।
बता दें कि इस हिंसक प्रदर्शन में अब तक करीब 19 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। सरकार ने प्रदर्शन को देखते हुए कल रात ही सोशल मीडिया साइटों से बैन हटा दिया था, लेकिन अभी भी प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं।





