11 घंटे तक कार के इंजन में फंसा रहा बच्ची का शव, कुत्तों के मंडराने पर हुआ खुलासा

Road Accident

यूपी के बहराइच से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जहां 11 घंटे तक एक नन्ही सी बच्ची कार के नीचे फंसी रही और किसी को इसके बारे में पता तक नहीं चला। जब लोगों ने कार के आसपास कुत्तों को घूमते हुए देखा तो उनकी नजर कार की नम्बर प्लेट पर पड़ी। जिस पर खून के छींटे पड़े हुए थे।

जिसे देख लोगों ने कार को उल्टा किया तब पता चला कि इंजन के बीच में एक बच्ची का शव बुरी तरह से फंसा हुआ है। लोग शव देखते ही सन्न रह गए। यह दुर्घटना सुबह 7 बजे के करीब की बताई जा रही है। पूरे 11 घंटे बाद बच्ची के शव पर लोगों की नजर पड़ी। बता दें कि यह मामला पयागपुर थाना इलाके के अंतर्गत आता है।

यहां पुलिस चौकी खुटेहना गोंडा पयागपुर रोड पर स्थित है। इसी के सामने कार और बाइक की जोरदार टक्कर हई थी। बाइक सवार घायल हो गया था। लोग उसे अस्पताल में इलाज के लिए ले गए थे। वहीं कार पुलिस चौकी के सामने मौजूद एक खंबे से टकरा गई। कार चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। इस दौरान बच्ची कब कार के नीचे आकर फंस गई, किसी को इसके बारे में पता ही नहीं चला।

कार के पास कुत्तों को देख हुआ शक

उधर जब चन्द्रा पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली रंजीता (10) पुत्री राजीव बहुत देर तक जब घर नहीं पहुंची तो घरवाले उसे तलाशने के लिए निकल गए। उन्होंने फोन करके बच्ची के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। लोग बच्ची को ढूंढते हुए पुलिस स्टेशन की तरफ गए। इधर पुलिस स्टेशन के सामने लोगों ने कुछ कुत्तों को घास में मंडराते हुए देखा।

शक होने पर लोगों ने कार को उल्टा कर दिया। तब पता चला की बच्ची उसी कार के नीचे फंसी हुई है। इस दौरान पुलिस भी वहीं मौजूद थी। मुश्किल से उसके शव को गाड़ी के नीचे से निकाला गया। धीरे-धीरे कार के पास भीड़ जुट गई। लेकिन यह बच्ची कार के नीचे कैसे फंस गई इसकी कोई जानकारी नहीं मिली।

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पुलिस की लापरवाही

बता दें कि कार सुबह करीब सात बजे पुलिस स्टेशन के सामने बाइक से टकराई थी। वो क्षतिग्रस्त हालत में वहीं खड़ी रही लेकिन पुलिस ने उसे खिसकाने की कोशिश तक नहीं की। अगर पुलिस ने पहले ही कार को उस स्थान से हटा दिया होता तो बच्ची के बारे में दोपहर को ही पता लग जाता। पुलिस की इस लापरवाही को लेकर भीड़ काफी गुस्से में थी, हालांकि लोगों ने सही समय पर संभाला।

सड़क पर ही बेहोश हो गए बच्ची के पिता

बच्ची के पिता राजीव ने जब अपनी बच्ची को इस हालत में देखा तो वह सड़क पर ही बेहोश हो गए। मां बिल्कुल बदहवास हो गई थी। वह बार-बार अपनी बच्ची के शव को गले लगाती और रोने लगती। पुलिस ने लोगों की मदद से बच्ची के शव को कार के इंजन से निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।