उत्तर प्रदेश में गंगा का कहर देखने को मिल रहा है। राज्य कई इलाकों में बाढ़ से हालात बद से बदतर हो गए हैं। गंगा-यमुना दोनों की नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। इतना ही नहीं प्रयागराज में तो पानी घाट और गलियों से लेकर लोगों के घरों तक में घुस गया है। लगातार जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार शाम 4 बजे प्रयागराज में यमुना का जलस्तर 85 मीटर की सीमा को पार कर गया था। जबकि खतरे का निशान 84.73 मीटर है।
CM Yogi ने उतारी ‘मंत्रियों की टोली’

इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत के लिए अपनी मंत्रियों की टोली को जमीन पर उतारा है। उन्होंने ‘टीम’ 11 का गठन किया है। ये सभी मंत्री बाढ़ से प्रभावित 12 जिलों का दौरा करेंगे। सीएम योगी ने साफ निर्देश दिए हैं कि बाढ़ से प्रभावित जिलों के सभी प्रभारी मंत्री अपने जिलों में ही रात को आराम करें। सभी अधिकारी 24×7 फील्ड में काम करेंगे। इसके साथ ही सीएम ने तटबंधों की निगरानी, साफ-सफाई और जल निकासी के भी निर्देश दिए हैं।
Akhilesh Yadav का सीएम पर वार
उधर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज में बाढ़ से बिगड़ते हालात पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफोर्म ‘एक्स’ पर रविवार को लिखा- ‘प्रयागराज में 20 हज़ार करोड़ खर्च करने के बाद प्रयागराज वासियों को जलभराव के सिवा और क्या मिला? भ्रष्टाचार के गहरे गड्ढों में भरा पानी भाजपाई घपलों -घोटालों के गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर रहा है। स्मार्ट सीटी की संकल्पना पर पानी फेरने वाले भाजपाई अपनी-अपनी नाव लेकर कहां गायब हो गये हैं’
Ganga water level In UP: खरते के निशान के पार गंगा
बता दें कि वाराणसी में गंगा का स्तर 71.4 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 71.2 मीटर है। श्मशान घाट पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। पानी अपनी तेज गति से आगे की ओर बढ़ रहा है।
प्रयागराज में लगभग एक लाख से ज्यादा घरों में जलभराव हो गया है। लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं, गलियों और सड़कों पर गाड़ियों की बजाय लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं।
UP Flood Alert : 71 जिलों में बारिश का कहर, अलर्ट जारी
लखनऊ में सुबह-सुबह करीब एक घंटे तक बारिश हुई, जिसके बाद पूरा शहर झील की तरह नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के करीब 71 जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
पानी में तैरता रहा शव, किसी ने नही लिया एक्शन
खबर है कि शनिवार सुबह बाढ़ से जूझते झूंसी क्षेत्र के मुंशी पुरवा हेतापट्टी मार्ग पर पानी में एक शव को तैरता देखा गया। राहगीरों ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी पर लेकिन शाम तक शव वहीं तैरता रहा, उसे वहां से हटाया नहीं गया। लोगों ने बताया कि शव की हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि देखा भी नहीं जा रहा था, यहां तक की शव को कौओं ने नोंच डाला पर पुलिसकर्मी ने जानकारी के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया।
UP Flood : प्रयागराज में 5 हजार लोग पहुंचे राहत शिविर
शनिवार तक प्रयागराज में 5 हजार लोगों ने राहत शिविर में शरण ली। प्रयाग में लगभग 50 हजार घरों तक पानी पहुंच चुका है। इसमें से ज्यादातर लोग अपना घर छोड़ने को तैयार नहीं है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो अपने घर को छोड़कर कहीं और रहने के लिए चले गए हैं।






