अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड के बढ़ते आतंक को देखते हुए सोमवार को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में यह बताया गया है कि बीएलए को कई आतंकवादी हमलों के बाद 2019 में वैश्विक आतंकवादी (ASGT) के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था। तब से कई आतंकवादी हमले हुए, जिसकी जिम्मेदारी इस समूह ने ली है, इस हमलों में मजीद ब्रिगेड ने जो हमला किया था उसे भी शामिल किया गया है। पिछले काफी समय से इस संगठन ने पाकिस्तानी सेना को परेशान कर रखा था।
बयान में बीएलए और उसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड को विदेश मंत्रालय द्वारा एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया गया है। बीएलए की पहले से मौजूद नामित वैश्विक आतंकवादी की सूची मजीद ब्रिगेड को उसके सहयोगी संगठन के तौर पर जोड़ा गया है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार यह कदम दुनिया को दिखाने के लिए उठाया गया है कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ काफी दृढ़ता से लड़ रहा है। बीएलए और उसके सहयोगी संगठन को आतंकी संगठन घोषित करना एक बेहद जरूरी कदम है। इससे आतंकी गतिविधियों को जो समर्थन मिलने वाला है उसमें कमी आने की संभावना है। बयान में बताया गया है कि कई आतंकी घटनाओं में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी शामिल रह चुका है। ये 2019 से कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी लेता आया है।
ट्रेन की थी हाइजैक
बीएलए ने दावा किया है कि साल 2024 में कराची एयरपोर्ट और ग्वादर पोर्ट कैंपस के पास जो सुसाइड अटैक हुआ थे, वो उसी ने करवाए थे। वहीं, उसने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को साल 2025 में हाइजैक करने की जिम्मेदारी भी ली थी। इस घटना में लगभग 31 लोग मारे गए थे, जिसमें साधारण नागरिक भी शामिल थे। इस दौरान ट्रेन में मौजूद 300 से अधिक यात्रियों को इस संगठन ने बंधक बना लिया था।






